एक नसीहत बांग्लादेश क्रिकेट टीम और फ़ैन्स के लिए

चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में कल भारत ने बांग्लादेश को करारी शिकस्त देते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया। जहाँ भारत का मुकाबला रविवार यानी 18 जून को पाकिस्तान के साथ होगा।
Image: ICC

दोस्तों ये तो हमने अक्सर देखा ही है कोई भी टीम हो फ़ैन्स अपनी टीम का हमेशा हौसला अफजाई करते देखे जा सकते है चाहे वो ऑस्ट्रेलिया हो या फिर बांग्लादेश। लेकिन यहाँ एक बात में कहना चाहूंगा कि टीम की हौसला अफजाई करना बुरी बात नहीं है लेकिन इस चक्कर में अगर आप सब मर्यादाओं को भूलकर दूसरी टीम के खिलाड़ियों का हद से बढ़कर अपमान करते है तो थू है आपके ऐसे फ़ैन्स बनने पर। जैसे अभी हाल में ही बांग्लादेशी फ़ैन्स ने किया। भले ही आप बढ़िया कम्प्यूटर और फोटोशॉप में निपुण होंगे और घटिया तस्वीरे बनाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने में भी निपुण होंगे लेकिन इससे आप की टीम जीतने वाली नहीं है।

हाल फिलहाल बांग्लादेश की कुछ खिलाड़ियों ने भी सेमीफाइनल से पहले कुछ बेकार से बयान दिए थे की बांग्लादेश तो आसानी से हरा देगा भारत को। कुछ गलत बयान युवराज सिंह और रोहित शर्मा के खिलाफ दिए गए थे। यहाँ मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूँ बांग्लादेशी खिलाड़ियों से और वहा के फैंस से की कोई भी खेल हो वो बातों से नहीं जीता जाता। उसके लिए आपको जी जान लगानी पड़ती है। अपने आप को उस खेल के लिए ईमानदारी से खुद को समर्पित करना पड़ता है। तब जाकर कही आप जीत के बारे में सोच सकते है।

बांग्लादेशी खिलाड़ी अगर बोलने से ज्यादा अगर दिमाग और ताकत अभ्यास में लगाये तो शायद वो कभी कोई ट्रॉफी जीत पाये। इतने साल हो गए है खेलते हुए, अगर जरा सा भी ध्यान सही क्रिकेट खेलने में लगाया होता तो शायद आपको समझ होती क्रिकेट की।
आखिर में यही कहना चाहूंगा कि पहले क्रिकेट और क्रिकेट खिलाड़ियों का सम्मान करना सीखिए। फिर क्रिकेट खेलने के बारे में सोचिये। क्योंकि गली क्रिकेट में भी लोग इस तरह की हरकतों से दूर रहते है। और आप तो अभी अच्छे लेवल पर खेलना शुरू ही हुए ही। तो बातों से कम क्रिकेट के कुछ गुण सीख लो काम आएंगे